MP All Important Yojana List in Hindi- मध्यप्रदेश सरकार की सभी योजनाएं

MP All Important Yojana List in Hindi: मध्यप्रदेश में प्रदेश के वासियों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं का संचालना किया जाता है। हर वर्ग के लिए राज्य सरकार खास योजना के माध्यम से आर्थिक या अन्य सहायता देती है। सरकार बदलने पर नई सरकार द्वारा कुछ योजनाओं को बंद कर दिया जाता है तो कुछ योजनाओं का नाम परिवर्तित कर दिया जाता है। हमारे पोर्टल Kisan Suchna द्वारा नीचे मध्यप्रदेश से जुड़ी हर योजना से जुड़ी संक्षिप्त जानकारी दी गई है।  

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मध्य प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं

दीनदयाल गोकुल ग्राम योजना (Deen Dayal Gokul Gram Yojana)

दीनदयाल गोकुल ग्राम योजना की शुरुआत 25 सितम्बर 2004 को हुई थी। इस योजना के अंतर्गत कमजोर वर्ग और महिला स्वसहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी एवं हर जिले में 20 से 25 एकड़ सरकारी ज़मीन पर पात्र हितग्राही को 20 दुधारू पशु प्रदान कर आर्थिक अवलंबन प्रदान किया जाता है।

दीनदयाल समर्थ योजना (Deen Dayal Samarth Yojana)

इस योजना की शुरुआत 25 सितम्बर 2004 को हुई थी। प्रदेश के मानसिक एवं शारीरिक रूप से नि:शक्त लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना एवं उन्हें हर प्रकार से सक्षम बनाना। उन्हें शिक्षा देकर रोजगार उपलब्ध कराना।

दीनदयाल चलित अस्पताल योजना (Deen Dayal Chalit Aspatal Yojana)

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दीनदयाल चलित अस्पताल योजना को 29 मई 2006 को शुरू किया गया था। इस योजना के माध्यम से चलित वाहन द्वारा आदिवासी ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को निशुल्क स्वास्थ्य सम्बंधित सुविधाएं दी जाती हैं। डॉक्टर, स्टाफ, जरूरी उपकरण और दवाइयों के साथ मुफ्त इलाज के लिए वाहन से गांव-गांव जाते हैं… (योजना की पूरी जानकारी पढ़ें)

दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना (Deen Dayal Antyoday Upchar Yojana)

BPL/SC/ST के लिए शासकीय अस्पतालों में 30 हजार रुपए तक का प्रतिवर्ष इलाज निशुल्क उपलब्ध करवाना। योजना की शुरुआत 25 सितम्बर 2004 को हुई थी।

दीनदयाल रोजगार योजना (Deen Dayal Rojgar Yojana MP)

प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लिए प्रेरित करना। इस योजना की शुरुआत 25 सितम्बर 2004 को हुई थी।

गाँव की बेटी योजना (Gaon Ki Beti Yojana MP)

प्रत्येक गाँव की 12वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्रा को उच्च शिक्षा हेतु 500 प्रतिमाह से 10 माह प्रतिवर्ष 5000 की छात्रवृत्ति देना। गाँव की बेटी योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी।

प्रतिभा किरण योजना (Pratibha Kiran Yojana MP)

इस योजना में चयनित छात्रा को परम्परागत उपाधि के पाठ्यक्रम के लिए 300 प्रतिमाह (10 माह तक प्रतिवर्ष) तथा तकनीकी एवं चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम हेतु 700 प्रतिमाह (10 माह शैक्षिणिक सत्र प्रति वर्ष) दिए जाते हैं। इस योजना को वर्ष 2009 में शुरू किया गया था।

स्वामी विवेकानंद करियर योजना (Swami Vivekanand Career Margdarshan Yojana)

प्रदेश के युवा बैरोजगार छात्रों के लिए अनुभवी शिक्षाविद एवं मार्गदर्शकों द्वारा करियर हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना। यह योजना वर्ष 2005 में शुरू हुई थी।

विक्रमादित्य निशुल्क शिक्षा योजना (Vikramaditya Nishulk Shiksha Yojana MP)

विक्रमादित्य निशुल्क शिक्षा योजना की शुरुआत वर्ष 2008-09 में हुई थी। इसके अंतर्गत 12वीं कक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले सामान्य वर्ग के BPL परिवार के छात्र पात्र होंगे जिनके माता-पिता की आय 42,000 से अधिक न हो ऐसे विधार्थियों को शासकीय महाविद्यालय से निशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान की जाती है।

सुदामा शिष्य वृत्ति योजना (Sudama Shishyavrutti Yojana MP)

सुदामा शिष्य वृत्ति योजना की शुरुआत 2009-10 में हुई थी। उत्कृष्ट विधालय में अध्ययन करने वाले सामान्य वर्ग के छात्र/छात्राओं को 500 रुपए प्रतिमाह (5000 रुपए शैक्षिणिक सत्र प्रतिवर्ष 10 माह तक) शिष्यवृत्ति प्रदान करना। इसके लिए वही छात्र पात्र होंगे जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 54,000 से अधिक नहीं होगी।

डॉक्टर ए. पी जे अब्दुल कलाम मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना (Dr. APJ Abdul Kalam Medhavi Chhatra Yojana MP)

इस योजना के तहत प्रत्येक जिले के शासकीय विद्यालयों से कक्षा 12वीं सर्वाधिक अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण होने वाले प्रत्येक संकाय के सामान्य वर्ग के निर्धन छात्र-छात्रा को 5000 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना का आरम्भ वर्ष 2009-10 में हुआ था।

डॉक्टर श्यामाप्रसाद मुखर्जी छात्रवृत्ति योजना (Dr. Shyama Prasad Mukherjee Scholarship Scheme)

21 सितम्बर 2010 को इस योजना की शुरुआत की गई थी। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत और उससे अधिक अंक पाने वाले सभी वर्गों के विधार्थियों के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए उन्हीं छात्रों को छात्रवृत्ति मिलेगी, जिनके माता-पिता अभिभावकों की वार्षिक आय 3 लाख से अधिक नहीं हो।

लाडली लक्ष्मी योजना (Ladli Laxmi Yojna MP)

अप्रैल 2007 में लाडली लक्ष्मी योजना प्रारंभ हुई थी। इस योजना के अंतर्गत 1 जनवरी 2006 के बाद जन्मी प्रदेश की लड़कियों के शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास हेतु सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत कुल 30,000 की राशि अलग-अलग किश्तों के माध्यम से दी जाती है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (Mukhyamantri Kanyadan Yojana MP)

इस योजना के अंतर्गत कन्या को 25,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की शुरुआत अप्रैल 2006 में हुई थी।

मुख्यमंत्री निकाह योजना (Mukhyamantri Nikah Yojana MP)

इस योजना के अंतर्गत मुस्लिम समुदाय की गरीब/निराश्रित/विधवा/परित्यक्ता निकाह के लिए वर-वधू को 25,000 की सहायता राशि दी जाती है। इस योजना को वर्ष 2012 में शुरू किया गया था।

सौभाग्यवती योजना (Saubhagyavati Yojana MP)

इस योजना के तहत गरीब परिवारों की कन्याओं के विवाह के लिए 5,000 की सहायता दी जाती है।

निशक्तजनों के विवाह हेतु विशेष योजना (Nishaktjan Vivah Yojana MP)

इस योजना के तहत विवाह करने वाले एक के निशक्त होने पर 25,000 एवं वर-वधू दोनों के निशक्त होने पर 50,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।

मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना (Mukhyamantri Annapurna Yojana MP)

इस योजना के अंतर्गत BPL कार्डधारकों को अनाज उपलब्ध करवाया जाता है। मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना को वर्ष 2008 में शुरू किया गया था।

जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana MP)

इस योजना के अंतर्गत BPL परिवार की गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव करने हेतु ग्रामीण क्षेत्र की हितग्राही महिलाओं को 1400 रुपए एवं शहरी क्षेत्र की हितग्राही महिला को 1000 रुपए की राशि नगद दी जाती है, एवं प्रोत्साहित करने वाली कार्यकर्ता को 350 प्रति हितग्राही दिए जाते हैं। जननी सुरक्षा योजना को सितम्बर 2006 में शुरू किया गया था।

विजयाराजे जननी कल्याण बीमा योजना (Vijayaraje Janani Kalyan Yojana)

12 मई 2006 को विजयाराजे जननी कल्याण बीमा योजना की शुरुआत हुई थी। इस योजना के अंतर्गत BPL परिवार की गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान चिकित्सीय व्यय की प्रतिपूर्ति के रूप में 1000 रुपए और प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को नामित राशि के रूप में 50,000 की राशि दी जाती है। इस भुगतान के अतिरिक्त जननी योजना का भी लाभ मिलता है…(योजना की पूरी जानकारी पढ़ें)

कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना (Kanya Saksharta Protsahan Yojana MP)

इस योजना के अंतर्गत ST/SC वर्ग की ऐसी कन्याएं जो कक्षा 6, 9, एवं 11वीं में प्रवेश लेने पर क्रमश: 500 रुपए, 1000 रुपए एवं 3000 रुपए प्रतिवर्ष की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वर्ष 2006 में कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना को शुरू किया गया था।

मुख्यमंत्री आश्रय योजना (Mukhyamantri Ashraya Yojana MP)

इस योजना के तहत शहरी गरीबों को भूमि के अधिकार पत्र प्रदान कर राज्य सरकार आगामी पांच वर्षों में बुनियादी सर्वसुविधायुक्त पक्के मकान उपलब्ध कराती है। 13 जुलाई 2008 को इस योजना की शुरुआत हुई थी।

निशुल्क सायकिल प्रदाय योजना (Nishulk Cycle Vitran Yojana MP)

इस योजना के अंतर्गत SC/ST वर्ग की बालिकाओं को 8वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर स्वयं के गाँव में 9वीं कक्षा हेतु स्कूल नहीं होने की स्थिति में सरकार द्वारा निशुल्क सायकल प्रदान की जाती है। योजना की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी।

मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना (Mukhyamantri Majdur Suraksha Yojana MP)

मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना की शुरुआत 1 नवम्बर 2007 को हुई थी। इस योजना के अंतर्गत पंजीबद्ध खेतिहर मजदूर (श्रमिक) एवं उसके परिवार को प्रसूति और चिकित्सा सहायता, श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति, विवाह सहायता तथा दुर्घटना में मृत्यु होने पर बीमा योजना का लाभ और अत्योष्टि के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना कर तहत 30 हजार रुपए की आर्थिक सहायता जनपद पंचायत या इससे अधिक सहायता जिला पंचायत अनुशंसित कर सकेगी।

ऊषा किरण योजना (Usha Kiran Yojana MP)

ऊषा किरण योजना की शुरुवात वर्ष 2006-07 में हुई थी। यह योजना प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों को सुरक्षा प्रदान करती है। महिलाओं एवं बच्चों (18 वर्ष से कम आयु के बच्चों) को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए महिला संरक्षण अधिनियम 2006 के तहत राज्य सरकार द्वारा यह योजना शुरू की गयी थी।

मध्यप्रदेश जिला गरीबी उन्मूलन योजना (DPIP)

प्रदेश में जिला स्तर जनसह भागिता समान आवश्यकता, समान आर्थिक आधार एवं समानता के आधार पर बने समहति समूहों के माध्यम से गरीबों तक पहुंचकर उनका आर्थिक एवं विकास किया जाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। योजना की शुरुआत मार्च 2001 में हुई थी।

जनश्री बीमा योजना (Janshree Bima Yojana MP)

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा BPL परिवार के शहरी एवं ग्रामीण व्यक्ति जो मध्यप्रदेश शासन की अन्य योजनाओं जैसे आम आदमी बीमा योजना, मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना में सम्मिलित नहीं है, उन लोगों के लिए जनश्री बीमा योजना प्रारंभ की गयी थी। योजना की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी।

जलदीप योजना (Jaldeep Yojana MP)

इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के जलाशयों के मध्य स्थित टापुओं पर अस्थाई रूप से निवास करने वाले, आर जलाशय की परिधि पर निवास कर रहे मछुआरों तक विभागों के अधिकारीयों को पहुँचाने और उन तक राहत सामग्री के परिवहन की व्यवस्था कराती है। वर्ष 2007 में जलदीप योजना की शुरुआत हुई थी।

बलराम ताल योजना (Balram Tal Yojana MP)

इस योजना के तहत खेतों में बलराम ताल निर्माण हेतु जरुरतमंद किसानों के लिए 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 80000 रुपए) एवं SC/ST कृषकों के लिए 75 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 100000 रुपए) निर्धारित किया गया है। 25 मई 2007 को इस योजना की शुरुआत हुई थी।

खेत तालाब योजना (Khet Talab Yojna MP)

इस योजना के अंतर्गत समस्त वर्ग के कृषकों के लिए केवल एक खेत तालाब/डिग्गी निर्माण के लिए राज्य सरकार अनुदान देती है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में कृषि के समग्र विकास के लिए सतही तथा भूमिगत जल की उपलब्धता बढ़ाना है। योजना की शुरुआत 22 मई 2007 को की गई थी।

मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना (Mukhyamantri Krishak Jivan Kalyan Yojana)

इस योजना के अंतर्गत कृषि से सम्बंधित कार्य करते समय व्यक्ति की दुर्घटना से मृत्यु होने पर 50 हजार रुपए, स्थाई अपंगता होने पर 7500 रुपए एवं अंत्येष्टि के लिए 2000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्ष 2008 में मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना को शुरू किया गया था।

विवेकानंद समूह बीमा योजना (Vivekananda Samuh Bima Yojana)

इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के BPL वर्ग के 18 से 65 वर्ष की आयु समूह के व्यक्तियों को प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना होने पर परिवारजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मृत्यु या पूर्ण अशक्तता पर 50 हजार रुपए एवं आंशिक अशक्तता पर 25 हजार की सहायता प्रदान की जाती है। वर्ष 2006 में विवेकानंद समूह बीमा योजना को शुरू किया गया था।

भूमि शिल्प योजना (Bhoomi Shilp Yojana)

इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के सभी जिलों के गांवों में मंरेगा योजना के तहत मेढ़विहीन खेतों की मेढ़ को बांधने का कार्य किया जाता है। भूमि शिल्प योजना को वर्ष 2010 में शुरू किया गया था।

एकलव्य शिक्षा विकास योजना (Eklavya Shiksha Vikas Yojana)

इस योजना के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहकों के मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु सहायता राशि दी जाती है। कक्षा के अनुसार अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। वर्ष 2008 में एकलव्य शिक्षा विकास योजना की शुरुआत हुई थी।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (MP Mukhyamantri Gram Sadak Yojana)

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उन गांवों में पक्की सड़कों का निर्माण किया जाता है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के अंतर्गत नहीं आते। इस योजना को अप्रैल 2010 में शुरू किया गया था।

मुख्यमंत्री शहरी घरेलू कामकाजी महिला कल्याण योजना

इस योजना में घरेलू कामकाजी महिलाओं का पंजीयन कर उनके परिवार की सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, चिकित्सा, एवं कौशल उन्नयन संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाता है। वर्ष 2009 में मुख्यमंत्री शहरी घरेलू कामकाजी महिला कल्याण योजना की शुरुआत की गई थी।

पंच परमेश्वर योजना

मध्यप्रदेश में ग्रामीण अधोसंरचना विकास हेतु ग्राम पंचायतों को एकमुश्त राशि उपलब्ध कराना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। 11 जनवरी 2021 में पंच परमेश्वर योजना को शुरू किया गया था। योजना के अंतर्गत 2 हजार की जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को 5 लाख एवं 2 से 5 हजार जनसंख्या वाली पंचायतों को 8 लाख एवं 5 से 10 हजार जनसंख्या वाली पंचायतों को 10 लाख तक की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।

महिला किसान सशक्तिकरण योजना

प्रदेश में कृषि क्षेत्र से जुड़ी स्थिति में बदलाव एवं सुधार कर महिला किसान सशक्तिकरण को बढ़ावा देना। महिला किसान सशक्तिकरण योजना को 1 अप्रैल 2012 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत महिला स्वसहायता समूह गठित कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया जाता है। राज्य के कुछ निर्धारित जिलों में ही यह योजना चलाई जाती है, जिसमें सागर, बैतूल, दमोह, धार, देवास, मंडला, उमरिया आदि जिले शामिल हैं।

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