मिनी डेयरी योजना क्या है, डेयरी लोन लेने हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया क्या है?

Mini Dairy Yojana 2022: डेयरी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के द्वारा कई योजनाएं चलाई जाती हैं। जो भी किसान या शिक्षित बेरोजगार युवा डेयरी सम्बंधित व्यपार करना चाहता है तो उसे सरकार आसान लोन सुविधा भी देती है। ग्रामीण क्षेत्र के व्यापार को बढ़ाने के लिए खास नाबार्ड बैंक को भी तैयार किया गया, जोकि खेती व पशुपालन समेत अन्य व्यापार के लिए आसानी से लोन देती है। लोन पर अनुदान देने के लिए भी सरकार ख़ास योजना बनती है। मिनी डेयरी योजना, जोकि ख़ास पशुपालक किसान व शिक्षित युवा बेरोजगार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। मिनी डेयरी योजना क्या है, क्या योजना के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं? इसके माध्यम से लोन पर कितना अनुदान मिलता है, आइए योजना से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी के बारे में जानते हैं।

Mini Dairy Yojana 2022 Detail in Hindi

योजना का नाममिनी डेयरी योजना
राज्य / केंद्रीय योजनाकेंद्रीय योजना
शुरुआत——
लाभडेयरी हेतु लोन
लाभार्थी किसान, बेरोजगार युवा, पशुपालक
अधिकारिक वेबसाइट (Official website)———

मिनी डेयरी योजना क्या है? (Mini Dairy Yojana)

पशुपालक किसान व शिक्षित युवा बेरोजगार के लिए सरकार के द्वारा मिनी डेयरी योजना (Mini Dairy Yojana) को तैयार किया गया। योजना की मदद से लाभार्थी को दुधारू मवेशी उपलब्ध कराए जाते हैं। इन मवेशियों की संख्या को 5 व 10 के हिस्सों में बांटा गया है। यदि आप 5 दुधारू पशु लेना चाहते हैं तो 50% अनुदान एवं 50% बैंक लोन का लाभ आपको दिया जाता है। वहीँ 10 दुधारू मवेशी के लिए 40% अनुदान एवं 60% बैंक लोन का लाभ दिया जाता है। इसके अलावा भी योजना के अंतर्गत अन्य लाभ दिए जाते हैं, जिनके बारे में आप आगे पढने वाले हैं। मिनी डेयरी योजना का लाभ मध्यप्रदेश (MP), राजस्थान, (Rajasthan), उत्तरप्रदेश (UP), हरियाणा (Haryana), पंजाब (Punjab) जैसे कृषि प्रधान राज्यों के साथ अन्य राज्य के किसान व युवा भी उठा सकते हैं।

मिनी डेयरी योजना का उद्देश्य

सरकार डेयरी उत्पादों को बढ़ाने व किसानों, शिक्षित युवा बेरोजगारों को आय का साधन देने के लक्ष्य से कार्य कर रही है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और डेयरी उत्पादों को बढ़ाना है। मिनी डेयरी योजना की मदद से पशुपालक किसान व बेरोजगार युवा दुधारू मवेशी खरीदने के लिए लोन व उस पर अनुदान हासिल कर सकते हैं। वे बेहद ही आसानी के साथ अपने डेयरी व्यापार को शुरू कर सकते हैं।

मिनी डेयरी योजना का लाभ

  • योजना की मदद से लाभार्थी किसान व शिक्षित बेरोजगार युवा को 5 या 10 दुधारू मवेशी उपलब्ध कराए जाते हैं।
  • दुधारू मवेशी के रूप में आप गाय अथवा भैस ले सकते हैं।
  • इस योजना के तहत 50% अनुदान एवं 50% बैंक लोन पर पांच दुधारू मवेशी दिया जाता है।
  • आपको दो चरणों में मवेशी खरीद का लाभ दिया जाता है।
  • पहले आपको 3 मवेशी दिए जाते है, शेष 2 मवेशी की खरीद के लिए बैंक द्वारा राशि 6 माह बाद दी जाती है।
  • 40% अनुदान एवं 60% बैंक लोन पर 10 दुधारू मवेशी दिये जाते हैं।
  • इसके अंतर्गत पहले आपको 5 मवेशी खरीदने के लिए राशि दी जाती है, वहीँ शेष 5 मवेशी के लिए राशि 6 माह बाद दी जाती है।
  • मवेशीयों के लिए बीमा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है।
  • गोबर से जैविक खाद बनाने वाली यूनिट की व्यवस्था के लिए भी मदद दी जाती है।
  • स्वयं सहायता समूह भी मिनी डेयरी योजना का लाभ ले सकते हैं।
  • किसान पशुपालक बन कर अपनी आय में इजाफा कर सकते हैं।
  • शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बनेगे।
  • भारत में दुग्ध उत्पादन में इजाफा होगा, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचेगा।

Mini Dairy Yojana Application Form / आवेदन प्रक्रिया

यदि आप मिनी डेयरी योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो जिले के जिला गव्य विकास पदाधिकारी से संपर्क करें। साथ ही आप अपने नजदीकी डेयरी पशु विकास केंद्र तथा जिला पशुपालन पदाधिकारी से भी योजना का लाभ लेने के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ आपको अनुदान व आवेदन समेत अन्य लाभ की जानकारी भी दे दी जावेगी।

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