फसल गिरदावरी क्या है, गिरदावरी किसान एप की पूरी जानकारी

फसल गिरदावरी (Fasal Girdawari) क्या होता है, गिरदावरी एप पर कौन सी जानकारी दर्ज की जाती है? यदि आप किसान हैं और अपनी जमीन पर खेती करते हैं, तो आपने कभी न कभी इस गिरदावरी शब्द को जरूर सुना होगा। पटवारी किसान की जमीन पर अक्सर गिरदावरी के लिए आता है, कुछ किसानों को इसके बारे जानकारी है, लेकिन बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें इसके बारे में सही जानकारी नहीं है। आगे आपको फसल गिरदावरी (Girdawari) और इसके एप से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। इस पोस्ट को पढने के बाद आप गिरदावरी का मतलब आसानी से समझ जाएंगे।

फसल गिरदावरी क्या है? (Fasal Girdawari)

यह खेती से सम्बंधित एक प्रक्रिया है, जो वर्ष में दो बार रबी और खरीफ की फसल के दौरान होती है। गिरदावरी प्रक्रिया को पटवारी द्वारा किया जाता है। इसमें खेत की जानकारी को शासन के राजस्व विभाग में दर्ज की जाती है है, जैसे कितने रकबे में कितनी और कौन सी फसल की बोवनी होनी। पटवारी अपने क्षेत्र के किसानों के पास जाकर जानकारी को एकत्रित कर गिरदावरी रिपोर्ट (Fasal Girdawari Report) को तैयार करते हैं। पहले खेत से सम्बंधित जानकारी को कागज पर नोट किया जाता था, जिसमें कई त्रुटियां होती थीं, लेकिन अब एप (Girdawari Kisan App) के माध्यम से इस जानकारी को दर्ज किया जाता है।

गिरदावरी एप के लाभ (Girdawari App)

  • पहले पटवारी घर बैठकर ही फसल का रकबा दर्ज कर दिया करते थे, लेकिन अब वे ऐसा नहीं पाते।
  • गिरदावरी प्रक्रिया में होने वाली त्रुटियों में कमी।
  • आंकड़ों के आधार जिले का रकबा पता चलता है।
  • प्राकृतिक आपदा के समय प्रभावित किसान को मुआवजा देने के लिए इसी गिरदावरी का उपयोग किया जाता है।

ई-गिरदावरी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (E Girdawari Registration)

  • एप के माध्यम से होने वाली इस प्रक्रिया में पटवारी सबसे पहले उस किसान के पास जाता है जिसकी गिरदावरी दर्ज की जानी है।
  • संबंधित किसान का नाम, सर्वे और मोबाईल नंबर, खेत में बोई फसल की जानकारी दर्ज की जाती है।
  • जो भी जानकारी पटवारी द्वारा दर्ज की गई है, उसके साथ किसान के मोबाईल नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) प्राप्त होगा।
  • यदि पटवारी द्वारा जानकारी सही दर्ज की गई है तो किसान पटवारी को ओटीपी देगा।
  • ओटीपी एप में दर्ज करते ही फसल की जानकारी ऑनलाइन शासन के पास दर्ज हो जाएगी।


हर राज्य के शासन ने अब ई-गिरदावरी की रिपोर्ट को एप या पोर्टल पर दर्ज करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश में SAARA App, राजस्थान में Dharaa Portal, Haryana में Egirdawari पर कृषि योग्य भूमि का रिकॉर्ड राजस्व पटवारियों द्वारा दर्ज किया जा रहा है।

Kisan Suchna: Jai Jawan, Jai Kisan

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