E Rupi: ई-रूपी योजना क्या है? आइये जानें E rupee से सम्बंधित पूरी जानकारी

E Rupee in hindi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया के तहत एक के बाद एक कई बड़े कदम उठा रहे हैं। देशवासियों को सुविधा देने हेतु कई डिजिटल सेवाओं को प्रारंभ किया गया है। कई बड़े-बड़े काम डिजिटल सेवाओं के माध्यम से घर बैठे ही बड़ी ही आसानी के साथ हो जाते हैं। सरकारी दस्तावेजों की जानकारी निकालना हो या फिर उनके लिए आवेदन करना, सरकार ने अधिकतर सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। वहीँ योजनाओं से संबंधित राशि भी लाभार्थियों को सीधा बैंक खाते में ही दी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया के तहत एक और सेवा देशवासियों के हित में लॉन्च की है। सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक बाउचर पर आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लॉन्च कर दिया गया है, जिसका नाम ई-रूपी (E-Rupi) दिया गया है। ई-रूपी क्या है, यह कैसे काम करता है, E rupee को कब लांच किया गया? इससे सरकार और देशवासियों को क्या लाभ है? आइए ई-रूपी से सम्बंधित पूर्ण जानकारी के बारे में जानते हैं।

E Rupi Detail in hindi

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ई-रूपी क्या है?

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के द्वारा इलेक्ट्रिक बाउचर पर आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम ई-रूपी (E rupee) को बनाया गया है। 2 अगस्त 2021 को एनपीसीआई (NPCI), डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा इस डिजिटल सेवा को लॉन्च किया गया। ई-रूपी (e rupi) पर्सन स्पेसिफिक और पर्पस स्पेसिफिक पेमेंट सिस्टम होगा। आइए इस आसान भाषा में समझते हैं।

खसरा खतौनी क्या है?

सरकारी योजनाओं के लाभार्थी को मिलेंगे ई-वाउचर

सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की राशि को इस डिजिटल पेमेंट सिस्टम के माध्यम से लाभार्थी को दिया जाएगा। यदि किसी योजना के माध्यम से लाभार्थी को ₹5000 दिए जाते हैं, तो इस सर्विस के माध्यम से सरकार उसे ₹5000 ना देकर उतनी ही राशि का ई-वाउचर जारी करेगी। इस ई-वाउचर का उपयोग सिर्फ योजना के उद्देश्य को पूरा करने के लिए ही किया जा सकेगा। जैसे यदि किसी योजना के माध्यम से किसान या फिर किसी अन्य लाभार्थी को बीज खरीदने के लिए ₹1000 का ई-बाउचर दिया गया है, तो लाभार्थी इस ई-वाउचर का उपयोग सिर्फ बीज खरीदने के लिए निर्धारित सेंटर पर ही कर सकता है। इसके अलावा वहां इस 1000 के ई-वाउचर का इस्तेमाल किसी भी अन्य उत्पाद को खरीदने के लिए नहीं कर सकता।

लाभार्थी को मिलेगा e rupi का QR Code और SMS

लाभार्थी को मोबाइल नंबर पर एसएमएस या फिर qr-code के माध्यम से यह ई-रूपी (e-rupee) या ई-वाउचर दिया जाएगा। इस ई-वाउचर को बिना किसी क्रेडिट या डेबिट कार्ड, मोबाइल एप, इंटरनेट बैंकिंग के रीडीम किया जा सकेगा, यानी ई-रूपी एक केस लेस और कांटेक्ट लेस डिजिटल पेमेंट मीडियम है।

कैसे काम करेगा ई-रूपी?

E rupi को एनपीसीआई (NPCI) द्वारा यूपीआई (UPI) प्लेटफार्म पर ई-रूपी को बनाया गया है। इससे बैंकों को भी जोड़ा गया है। बैंकों का काम इन वाउचर को जारी करने का होगा। यदि कोई कोऑपरेटिव या सरकारी एजेंसी अपने किसी प्रोडक्ट या सर्विस के लिए ई-रूपी लेना चाहती है तो उसके लिए सबसे पहले उसे पार्टनर बैंक से संपर्क करना होगा, जो प्राइवेट और सरकारी दोनों में से कोई भी हो सकते हैं। ई-वाउचर को कॉर्पोरेट या सरकारी एजेंसी द्वारा किस खास प्रोडक्ट के लिया जाएगा, इसकी जानकारी भी बैंकों को देना होगा। इसमें मोबाइल नंबर की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी, क्योंकि बेनिफिशियरी की पहचान इसके माध्यम से ही की जाएगी। बैंक द्वारा जारी किए गए ई -वाउचर उसी व्यक्ति को दिया जाएगा, जिसके नाम पर वह वाउचर जारी किया गया है।

ई-रूपी योजना का उद्देश्य

देश में केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा हर वर्ग को आर्थिक मदद देने के लिए कई योजनाओं को संचालन किया जाता है। योजनाओं से जुड़े कुछ लाभार्थी योजना की राशि का इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए करते हैं। योजना की राशि का उपयोग योजना के उद्देश्य को पूरा करने के लिए किया जाए इस उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा ई-रूपी योजना को प्रारंभ किया गया है।

ई-रूपी योजना के लाभ

  • E Rupi पूरी तरह से कैशलेस और डिजिटल भुगतान होगा, जिससे लोगों को आसानी से योजना से सम्बंधित मिलेगा।
  • ई-रूपी की सेवा देने वाले प्रायोजकों और लाभार्थियों डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा।
  • इससे लीक-प्रूफ डिलीवरी सुनिश्चित होगी।
  • लाभार्थी को आर्थिक लाभ क्यूआर कोड या एसएमएस स्ट्रिंग आधारित ई-वाउचर के माध्यम से दिया जाएगा, जोकि उसके मोबइल नंबर पर भेजा जाएगा।
  • सेवा प्रायोजकों द्वारा लाभार्थी को इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग किए बिना ई-वाउचर का लाभ दिया जाएगा।
  • बिना किसी मध्यस्थ की भागीदारी के लाभार्थी को भुगतान किया जावेगा।
  • जिसके नाम पर ई-वाउचर को जारी किया गया है, वही इसका इस्तेमाल कर सकता है।
  • जिस निर्धारित वस्तु या कार्य के लिए ई-वाउचर को जारी किया गया है उसी केलिए इसका उपयोग किया जा सकेगा।
  • इसका उपयोग देश की मुख्य योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, उर्वरक सब्सिडी, मातृत्व और बाल कल्याण योजनाओं के लिए किया जाएगा।

E-Rupi Yojana FAQ-

ई-रूपी योजना को कब शुरू किया गया?

2 अगस्त 2021 को एनपीसीआई (NPCI), डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा इस डिजिटल सेवा को लॉन्च किया गया।

ई-रूपी क्या भारत की डिजिटल करंसी है?

नहीं, ई-रूपी भारत की डिजिटल करंसी नहीं है। यह एक प्रकार के ई-वाउचर है, जिसका उपयोग लाभार्थी किसी निर्धारित वस्तु या योजना के उद्देश्य को पूरा करने के लिए ही कर सकेगा।

क्या ई-रूपी से सम्बंधित एप्लिकेशन (Android App) Download कर सकते हैं?

फिलहाल सरकार द्वारा e rupee सेवा के लिए किसी भी प्रकार का app लॉन्च नहीं किया गया है। e rupi आने के बाद इंटरनेट पर कई लोगों ने इससे सम्बंधित APK अपलोड की हैं, जोकि पूरी तरह से फेक हैं। Fake e rupi app को अपने स्मार्ट फोन में download करने से बचें।

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