दीनदयाल चलित अस्पताल योजना: जानें मध्यप्रदेश की योजना से जुड़े लाभ एवं उद्देश्य

Deendayal Chalit hospital Yojana MP: पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम राजनीति की महान शख्सियतों में शुमार है। उनके नाम पर आज देशभर में कई सरकारी योजनाएं चलाई जाती हैं। देश के ह्रदय प्रदेश कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में भी पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से कई कार्यकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। इन्हीं में से एक दीनदयाल चलित अस्पताल योजना है, जो लोगों को चालित वाहन के माध्यम से निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराती है।

Deendayal Chalit hospital Yojana Detail in Hindi

योजना का नामदीनदयाल चलित अस्पताल योजना
राज्यमध्यप्रदेश
योजना की शुरुआत29 मई 2006
लाभदूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना
लाभार्थी आदिवासी क्षेत्र के ग्रामीण
अधिकारिक वेबसाइट (Official website)

दीनदयाल चलित अस्पताल योजना क्या है?

दीनदयाल चलित अस्पताल योजना को मध्यप्रदेश शासन द्वारा 29 मई 2006 को शुरू किया गया था। इस योजना के अंतर्गत चलित वाहन के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र के गांवों में लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सम्बंधित सुविधाएं दी जाती हैं। डॉक्टर, स्टाफ, जरूरी उपकरण और दवाइयों के साथ मुफ्त इलाज के लिए वाहन से गांव-गांव जाते हैं। इस वाहन में ऑक्सीजन सिलेंडर, जांचों के उपकरण, माइक्रोस्कोप, गांव में घोषणा करने हेतु साउंड सिस्टम स्पीकर जैसी सभी सुविधा होती है। इसमें एमबीबीएस डॉक्टर के साथ लैब टेक्नीशियन, एक नर्स एवं ड्राइवर होता है। दीनदयाल चलित अस्पताल योजना का लाभ उन्हीं गांवों को दिया जाता है जहां कोई अस्पताल नहीं है। प्रदेशभर में 150 से ज्यादा चलित अस्पताल संचालित किए जाते हैं।

योजना का उद्देश्य (Deendayal Chalit hospital Yojana Objectives)

भारत में मेडिकल क्षेत्र में काफी विस्तार हुआ है, आज भी देश में कई गांव ऐसे हैं जहाँ इलाज के लिए कोई सुविधा नहीं है। इन आदिवासी क्षेत्रों में इलाज न मिल पाने के कारण कई लोग की मृत्यु हो जाती है। इन्हीं सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में मेडिकल सुविधा देने के उद्देश्य से दीनदयाल चलित अस्पताल योजना को चलाया गया था। ग्रामीणों को प्रारंभिक जाँच और उपचार की सुविधा बिना किसी शुल्क के दी जाती है।

दीनदयाल चलित अस्पताल योजना का लाभ (Deendayal Chalit hospital Yojana)

  • चालित वाहन मेडिकल होने की वजह से आदिवासी क्षेत्र के ग्रामीणों को इलाज के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता।
  • महामारी और अन्य बीमारियों समेत महिलाओं की प्रसव संबधी जाँच और अन्य जरूरी जानकारी भी दी जाती है।
  • महिला प्रसव से पहले और बाद में महिला को निशुल्क दवाइयां भी वितरित की जाती है।
  • लोगों को स्वास्थ्य से सम्बंधित शिक्षा भी दी जाती है।
  • गंभीर बीमारी होने पर मरीज को उपचार के लिए शासकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया जाता है।
  • स्वास्थ्य सम्बंधित इन सेवाओं के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
  • इस चलित अस्पताल द्वारा संबंधित जिले के निर्धारित क्षेत्र में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक यह सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

Deendayal Chalit hospital Yojana Scam

मध्यप्रदेश में दीनदयाल चलित अस्पताल योजना जुड़ा एक फर्जीवाड़ा वर्ष 2020 में सामने आया था। निशुल्क ईलाज करने वाली एम्बुलेंस को मरीज न मिलने की स्थिति में फर्जी डेटा फीड किया गया था।

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